लाखौड़ी, औंडी, पंचूर व खैरासैंण में चकबंदी समितियों के गठन लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्य नहीं

Written by chakbandi

September 27, 2024

14th पोस्ट ………….1985 के बाद की फ़ाइल के पन्नों से…….. (गतांक 5 अप्रेल’ 2019 की 13th पोस्ट से आगे) इन्हें पाठकों की सुविधा हेतु यहाँ भी Link के साथ कापी पेस्ट किया जा रहा है ताकि भविष्य में फेसबुक से डिलेट होने की स्थिति में ये आने वाली पीढ़ियों के लिए इस वेबसाइट पर सुरक्षित रहें.बागवानी/चकबंदी पर 1985 के बाद की फ़ाइल के पन्नों से…..देखें

इधर नवम्बर 2017 से लगतार ये भी समाचार थे कि चकबंदी स्टाफ रूडकी द्वारा गढवाल मंडल के गाँव पंचूर तथा खैरासैंण के लिए शासनादेश जारी किये गये हैं जिन्हें देखते हुए गरीब क्रान्ति अभियान की टीम ने 23 जून 2018 को इन गाँवों में भ्रमण के दौरान पाया कि जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं हुवा है !!! पुन: 27 जून के समाचार के क्रम में कि लाखौड़ी, औंडी, पंचूर व खैरासैंण में चकबंदी समितियों के गठन के सांथ ही खाता-खतौनियों का सत्यापन कर लिया गया है, इस सम्बन्ध में भी पत्र दि० 23 जुलाई के द्वारा RTI के तहत ज्ञात हुवा है कि इन गाँवों में बैठकों के दौरान अगस्त-सितम्बर 2017 से भूमिधरों को मात्र बताया ही जा रहा है कि, उत्तरप्रदेश जोत चकबंदी अधिनियम 1953 को उत्तराखंड के शासनादेश 9-11-17, 16-11-17, 1-12-17 एवं 26-2-18 के तहत उपरोक्त गावों में चकबंदी के लिए विज्ञप्ति जारी की गयी है. जो निम्न प्रकार हैं…

“ धारा 4 (2) का प्रकाशन किया जा रहा है जिसके फलस्वरूप सरकारी गजट में विज्ञप्ति संख्या – उत्तराखंड राजस्व विभाग देहरादून के शासनादेश संख्या – 766 /XVIII(III)/2017-04 (26)/2017 दि० 9-11-2017, शासनादेश संख्या – 821/XVIII (III)/217-04(26)/2017 TC- दि० 16-11-2017 एवं शासनादेश संख्या – 815 XVIII(III)?2017 04(26) 2017 दि० 1-12-2017 से प्राप्त अनुमति के अनुक्रम में उत्तर प्रदेश जोत चकबंदी अधिनियम 1953 (उ०प्र०) अधिनियम संख्या 5 सन 1954 (उत्तराखंड में यथा प्रवृत) की धारा 4 की उपधारा (2) (क) आधीन सरकारी विज्ञप्ति संख्या 3741/ वी०एच०आई०ई०-454/53 दि० 21 नवम्बर 1963 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करके शासनादेश संख्या – 85/XVIII(3)/2018-04(26)2017 दि० 26-2-2018 की विज्ञप्ति जारी की गयी है. “

बैठकों में यह भी बताया गया है कि उक्त ग्रामों में अब बन्दोबस्त अधिकारी चकबंदी हरिद्वार स्थान रूडकी की अनुमति के बिना क्रय-विक्रय करना, पशुपालन, बृक्ष काटना, भट्टा खुदान आदि कोई भी प्रयोजन नहीं करेंगे और भूमि सम्बन्धी विवाद चाहे किसी भी अदालत में चल रहे हों स्थगित हो जायेंगे.

तत्पश्चात बैठक में उपस्थित ग्रामपंचायत के सदस्यों व भूमिधरों की समितियों का गठन करते हुए खतौनियों का सत्यापन आम सभा में पढ़ कर किया गया है आदि. ” (संलग्न- तूफानी दौरा गढ़वाल मंडल का, समाचारों की कटिंग्स, RTI से प्राप्त सूचनाएं 247 to 270 देखें). क्रमश: ….

केवला नन्द “फ़कीर”

उत्तराखंड चकबंदी मोर्चा

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