चकबंदी वह विधि है, जिसके द्वारा व्यक्तिगत खेती को टुकड़ों में विभक्त होने से रोका एवं संचयित किया जाता है तथा किसी गाँव की समस्त भूमि को और कृषकों के बिखरे हुए भूमिखंडों को एक पृथक् क्षेत्र में पुनर्नियोजित किया जाता है। उत्तराखंड के पहाड़ों में जहाँ प्रत्येक परिवार की कृषिभूमि (खेती) वैसे ही बहुत कम है तथा यह दूर दूर गोलखातों की सहखातेदारियों वाले खेतों में भी उल्झी है तथा कोई कोई खेत इतने छोटे हैं कि उनमें खेती करने में भी बाधा पड़ती है।
चकबंदी वह विधि है, जिसके द्वारा व्यक्तिगत खेती को टुकड़ों में विभक्त होने से रोका एवं संचयित किया जाता है तथा किसी गाँव की समस्त भूमि को और कृषकों के बिखरे हुए भूमिखंडों को एक पृथक् क्षेत्र में पुनर्नियोजित किया जाता है। उत्तराखंड के पहाड़ों में जहाँ प्रत्येक परिवार की कृषिभूमि (खेती) वैसे ही बहुत कम है तथा यह दूर दूर गोलखातों की सहखातेदारियों वाले खेतों में भी उल्झी है तथा कोई कोई खेत इतने छोटे हैं कि उनमें खेती करने में भी बाधा पड़ती है।